सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को राहत, जमानत बरकरार, हाईकोर्ट को सुनवाई तेज करने का निर्देश

नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग वाली सीबीआई (CBI) की याचिका खारिज कर दी है। साथ ही अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट को मामले में लंबित अपील की सुनवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि झारखंड हाईकोर्ट के जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई उचित आधार नहीं है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि जमानत आदेश को लगभग सात वर्ष हो चुके हैं, जबकि सीबीआई की अपील वर्ष 2018 से लंबित है। ऐसे में इस स्तर पर जमानत रद्द करना उचित नहीं माना जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ लालू यादव की अपील पर सुनवाई में तेजी लाई जाए, ताकि लंबे समय से लंबित मामले का जल्द निपटारा हो सके।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि लालू यादव की जमानत याचिका पहले दो बार खारिज हो चुकी थी। एजेंसी का कहना था कि हाईकोर्ट ने यह मानते हुए जमानत दी थी कि उन्होंने अपनी सजा का 50 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया है, जबकि सीबीआई के अनुसार यह तथ्य सही नहीं था। साथ ही विभिन्न सजाओं को एक साथ चलाने के पहलू पर भी पर्याप्त विचार नहीं किया गया।

देवघर चारा घोटाला, बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़ा मामला है, जिसमें सरकारी खजाने से अवैध निकासी के आरोप लगे थे। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, जिसे चुनौती देते हुए सीबीआई सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। ताजा फैसले के बाद फिलहाल लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी और अब मामले की आगे की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में होगी।

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