रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ को लेकर आभार प्रस्ताव पेश किया गया। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने सदन में प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों का उल्लेख किया। प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया, जबकि कांग्रेस ने इसका बहिष्कार किया।
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वर्षों तक प्रदेश नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा, लेकिन सुरक्षा बलों के प्रयासों से हालात में सकारात्मक बदलाव आया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस ने प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। उनका कहना था कि प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण पहलुओं का समुचित उल्लेख नहीं किया गया है, इसलिए पार्टी ने इसका बहिष्कार किया।
आभार प्रस्ताव को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के अलग-अलग रुख देखने को मिले। जहां सरकार ने इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, वहीं कांग्रेस ने बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे विधानसभा में इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल भी गर्म रहा।