रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच का दायरा अब और बढ़ने की संभावना है। इस मामले के आरोपी सौरभ चंद्राकर को विशेष CBI अदालत ने 8 दिन की रिमांड पर जांच एजेंसी को सौंप दिया है। CBI ने पूछताछ के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने 8 दिन की अनुमति दी। अब इस दौरान जांच एजेंसी आरोपी से सट्टा ऐप के संचालन, नेटवर्क और कथित आर्थिक लेनदेन को लेकर पूछताछ करेगी।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को CBI की टीम सौरभ चंद्राकर को लेकर मेडिकल जांच के लिए पहुंची। इसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष अदालत में पेश किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश मनोज सिंह ठाकुर की अदालत में हुई। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
दिल्ली ले जाकर पूछताछ की तैयारी
CBI ने अदालत से सौरभ चंद्राकर को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाने की अनुमति मांगी थी। जांच एजेंसी का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। अब CBI उससे महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के पूरे नेटवर्क, कथित वित्तीय लेनदेन और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री का जवाब
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और CBI की कार्रवाई के बीच प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर महादेव सट्टा ऐप मामले के आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस को घेरते हुए पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले में कांग्रेस नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली कहावत का जिक्र किया। साथ ही कहा कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचेंगी।
‘मोदी नहीं जाएंगे कहीं, ब्रो’ पोस्ट की भी चर्चा
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच विजय शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में रही। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘मोदी नहीं जाएंगे कहीं, ब्रो।’ इस पोस्ट के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक भविष्य को लेकर विपक्ष की टिप्पणियों पर निशाना साधा।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगामी कार्यकाल में जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और अधिक बहुमत के साथ सत्ता में वापस लाएगी। उन्होंने विपक्ष के बयानों को भी निशाने पर लिया।
फिलहाल महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में CBI की जांच जारी है। सौरभ चंद्राकर से आठ दिनों की पूछताछ के दौरान इस कथित सट्टा नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेनदेन और अन्य संभावित कड़ियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकती हैं।