दुर्ग। साइंस कॉलेज के सामने स्थित नगर निगम के 42 MLD फिल्टर प्लांट में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक आए तेज अंधड़ के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से फिल्टर प्लांट के ब्लीचिंग पाउडर स्टोर रूम में भीषण आग लग गई। इस घटना में करीब 1,000 बैग ब्लीचिंग पाउडर जलकर खाक हो गया, जिससे निगम को 4 से 5 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। हादसे के कारण शहर के बड़े हिस्से में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4:30 बजे मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान फिल्टर प्लांट के पास स्थित बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसकी चिंगारी सीधे ब्लीचिंग पाउडर स्टोर तक जा पहुंची। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। प्लांट के कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे स्टोर में रखी करोड़ों की मशीनरी और अन्य उपकरण सुरक्षित बच गए।

महापौर और कमिश्नर ने किया मौका मुआयना
हादसे की सूचना मिलते ही महापौर अल्का बाघमार और निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने तत्काल फिल्टर प्लांट पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। महापौर ने जलकार्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पानी की कमी न होने दी जाए और वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकरों का उपयोग किया जाए। आयुक्त ने 42 MLD और 24 MLD प्लांट के सभी मोटर पंपों का तकनीकी परीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रविवार शाम तक सुधरेगी सप्लाई
जलापूर्ति बाधित होने से शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलकार्य विभाग की प्रभारी लीना दिनेश देवांगन ने बताया कि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए अमला युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। ब्लीचिंग पाउडर की नई खेप की व्यवस्था की जा रही है। निगम प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि रविवार दोपहर तक मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा और शाम तक पूरे शहर में जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।