नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा चांदी के आयात पर रोक लगाए जाने के बाद देश के सराफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। कारोबारियों और निवेशकों की नजर अब चांदी की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और बड़े मुनाफे पर टिकी हुई है।
सप्लाई घटने से बढ़ सकते हैं दाम
व्यापारियों के अनुसार भारत अपनी चांदी की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, जबकि घरेलू उत्पादन सीमित है। ऐसे में आयात पर रोक का सीधा असर बाजार की सप्लाई पर पड़ सकता है। फिलहाल मौजूदा स्टॉक से कुछ समय तक काम चल सकता है, लेकिन आने वाले महीनों में कमी की स्थिति बन सकती है।
कीमतों में उछाल की संभावना
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई घटने और मांग बढ़ने की स्थिति में चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। वर्तमान में चांदी का भाव करीब 2.83 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताया जा रहा है, लेकिन हालात ऐसे ही रहे तो यह कीमत 4 लाख रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
चांदी की कीमतों में तेजी के अनुमान को देखते हुए निवेशकों का रुझान भी तेजी से बढ़ा है। प्रदेश में रोजाना करोड़ों रुपये का निवेश चांदी में किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर निवेश और निकासी से निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है।
अवैध आयात की आशंका
बाजार से जुड़े सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध रास्तों से चांदी की सप्लाई की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि ऐसी चांदी अधिक महंगी पड़ सकती है, जिसका असर भी कीमतों पर देखने को मिलेगा।