रायपुर | आपातकाल की कड़वी यादों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से आगामी 28 जून को राजधानी रायपुर में एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस वृहद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर ‘लोकतंत्र प्रहरी संगठन’ के पदाधिकारियों ने एक पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) कर विस्तृत जानकारी साझा की।
25 जून ‘संविधान हत्या दिवस’ और 26 जून ‘आपातकाल स्मृति दिवस’पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन लोकतंत्र प्रहरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने 1975 के काले दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि 25 जून 1975 को देश पर थोपे गए आपातकाल की बरसी को ‘संविधान हत्या दिवस’ तथा 26 जून को ‘आपातकाल स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

श्री उपासने ने कहा कि उस 21 महीने के दंश के दौरान देश में नागरिक स्वतंत्रताओं का पूरी तरह हनन कर दिया गया था, प्रेस पर सख्त सेंसरशिप लागू थी और हजारों लोकतंत्र समर्थकों को मीसा (MISA) जैसे काले कानूनों के तहत बिना किसी दोष के जेलों में ठूस दिया गया था।पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मनेगा उत्सव, मुख्यमंत्री करेंगे सम्मानसंगठन की ओर से बताया गया कि 28 जून को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मुख्य समारोह आयोजित होगा।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करने वाले ‘लोकतंत्र सेनानियों’ (मीसा बंदियों) को शॉल व श्रीफल से सम्मानित करेंगे।”आपातकाल योद्धा” स्मारिका का होगा विमोचन, छात्र भी होंगे पुरस्कृतइस सम्मेलन के दौरान दमनकारी नीतियों के खिलाफ लड़ने वाले नायकों के इतिहास को समेटे हुए एक विशेष स्मारिका “आपातकाल योद्धा” का भव्य विमोचन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, युवा पीढ़ी को इस इतिहास से जोड़ने के लिए विद्यालय और महाविद्यालय (स्कूल व कॉलेज) स्तर पर एक विशेष निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को भी मंच पर अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।