नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रगीत के साथ शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन महरौली अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों और पूर्व विधायक बलजौर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदस्यों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दे सदन में उठाने शुरू किए। हालांकि, कुछ ही देर बाद आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के बीच तीखी बहस के चलते सदन का माहौल गरमा गया।
AAP और BJP विधायक आमने-सामने
विशेष उल्लेख (नियम-280) के तहत विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याएं सदन में रख रहे थे। इसी दौरान AAP विधायक कुलदीप कुमार और BJP विधायक रवि नेगी अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर एक-दूसरे से बहस करने लगे। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
स्थिति को बढ़ता देख अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा सामान्य रूप से आगे बढ़ी।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दी सख्त चेतावनी
हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है। असंसदीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्पीकर ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य बिना अनुमति के बोलता है, दूसरे सदस्य की सीट तक जाता है या अपशब्दों का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे सख्त कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
सदन की मर्यादा बनाए रखने के निर्देश
अध्यक्ष ने सभी विधायकों से कहा कि वे केवल चेयर की अनुमति से ही अपनी बात रखें। उन्होंने व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप, अमर्यादित भाषा और दूसरे सदस्य की सीट पर जाकर विवाद करने को संसदीय परंपराओं के विपरीत बताया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों का दायित्व है। सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के हंगामे से कार्यवाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
क्षेत्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
हंगामे के बावजूद मानसून सत्र के पहले दिन विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े कई जनहित के मुद्दे सदन में उठाए गए। विधायकों ने मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों और नागरिक समस्याओं को सदन के सामने रखा।
आगामी दिनों में दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।