रायपुर : रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाए जाने की तैयारी है। यह कदम महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पर केंद्रित राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में संसद में महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान बिल पारित नहीं हो सका, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। इसी को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ पक्ष ने विरोध दर्ज कराया है और कई जगहों पर प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं।
विष्णु देव साय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर गंभीर है और विधानसभा में एक निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है, जो इस महीने 29 तारीख से पहले आयोजित हो सकता है।
सरकार का कहना है कि केंद्र में महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों के बावजूद विपक्ष का रवैया इस मुद्दे पर सहयोगात्मक नहीं रहा, जिस पर सदन में चर्चा होगी। प्रस्ताव पारित करने के बाद औपचारिक रूप से राज्य की राय भी दर्ज कराई जाएगी।
इसी बीच राजधानी में हुई रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों और उनके प्रतिनिधित्व को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है और इस विषय पर किसी तरह की राजनीति उचित नहीं है।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लेकर संसद में लंबी चर्चा हुई थी, लेकिन आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका। इसी घटनाक्रम के बाद राज्यों में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
छत्तीसगढ़ में इससे पहले भी कई बार विशेष सत्र बुलाए जा चुके हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शहीदों को श्रद्धांजलि, ऐतिहासिक अवसर और राज्य गठन की वर्षगांठ जैसे विषय शामिल रहे हैं।