कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

कबीरधाम। ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-GRAM-G) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया और वर्चुअल माध्यम से राज्य स्तरीय समारोह को भी संबोधित किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जिससे गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों के श्रम का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं, जिनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। योजना के तहत अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही डबरी, चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क निर्माण, मुरमीकरण सहित कई कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

गंडईखुर्द बना प्रदेश की पहली पंचायत

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में गंडईखुर्द में शेड निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत विकास कार्य की स्वीकृति प्राप्त करने वाली प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई।

मानव श्रृंखला बनाकर दिया जागरूकता का संदेश

योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उपमुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और विकसित भारत के संकल्प का संदेश दिया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण भी किया गया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक भावना बोहरा, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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