भिलाई। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मूर्तियों के विसर्जन से जल स्त्रोतों की गुणवत्ता पर पड़ने वाले विपरित प्रभावों की रोकथाम के लिए गाईड लाइन जारी किया गया है। नगर निगम भिलाई अंतर्गत समितियों द्वारा प्रमुख चौंक-चैराहो, गली, मोहल्लो एवं घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। आगामी कुछ दिनों बाद दुर्गोत्सव पर्व आने वाला है। सभी समितियों द्वारा तालाबों में मूर्तियां विसर्जित किया जाता है, जिसके कारण तालाबों का जल प्रदुषित होता है।
तालाबों में जीव-जन्तु रहते है, जल प्रदुषण से उनकी मृत्यु हो जाती है। साथ ही तालाबों में पूजा सामग्री डालने से कचरा फैलता है। इसके लिए नगर निगम द्वारा कुछ तालाबों में मूर्ति विसर्जन के लिए कुण्ड बनाया जा रहा है। जितने भी श्रद्वालू है, वे निगम द्वारा बनाए गए कुण्ड में ही मूर्ति विसर्जन करें। मूर्ति विसर्जन के लिए चिन्हांकित किए गए तालाबों में आलाबंद तालाब खम्हरिया, स्मृति नगर तालाब, आमा तालाब, लिम्हा तालाब, भेलवा तालाब, रामनगर मुक्तिधाम तालाब, नकटा तालाब, श्याम नगर केम्प-2 तालाब एवं जयंती स्टेडियम तालाब शामिल है।
मूर्ति विसर्जित करने कुण्ड बनाया गया है। अन्य शेष तालाबों में मूर्ति विसर्जन करना प्रतिबंधित है। श्रद्वालू इन तालाबों के अतिरिक्त शिवनाथ नदी दुर्ग में मूर्ति विसर्जन कर सकते है। इसकी जानकारी नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने दी।