नई दिल्ली। देशभर के मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की बिक्री की निगरानी अब और सख्त हो सकती है। केंद्र सरकार ने Drugs Rules, 1945 में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर CCTV surveillance system अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह ड्राफ्ट 8 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
प्रस्ताव का उद्देश्य प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाना और बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के दवा बिक्री पर रोक लगाना है। इसके लिए सरकार ने आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं।
प्रस्तावित नियम के तहत थोक बिक्री को छोड़कर प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की सप्लाई ऐसे परिसर से करने की बात कही गई है, जहां CCTV निगरानी की व्यवस्था हो। खास तौर पर Schedule H, Schedule H1 और Schedule X जैसी दवाओं की बिक्री पर निगरानी मजबूत करने का प्रस्ताव है। Drugs Technical Advisory Board की अगस्त 2026 की बैठक के रिकॉर्ड में भी मेडिकल दुकानों पर CCTV लगाने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा का उल्लेख है।
इस बीच LocalCircles के एक राष्ट्रव्यापी सर्वे में मेडिकल स्टोर्स पर प्रिस्क्रिप्शन नियमों के पालन को लेकर भी आंकड़े सामने आए हैं। 327 जिलों से 1.06 लाख से अधिक प्रतिक्रियाओं वाले सर्वे में 64 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बताया कि पिछले 12 महीनों में उनके केमिस्ट ने दवा देने से पहले डॉक्टर की पर्ची कभी या बहुत कम ही मांगी।
सर्वे में फार्मासिस्ट की उपलब्धता को लेकर भी सवाल सामने आए। केवल 31 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें ज्यादातर समय या हमेशा क्वालिफाइड फार्मासिस्ट से मदद मिली।
फिलहाल CCTV व्यवस्था प्रस्तावित संशोधन के स्तर पर है। जनता से सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि नियम किस अंतिम रूप में लागू किए जाते हैं।