रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को प्रदेश में 26 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जिसके बाद स्वाइन फ्लू के कुल मामलों का आंकड़ा बढ़कर 205 हो गया है। इनमें 57 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं, जबकि 44 संक्रमितों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। राजधानी रायपुर में संक्रमण का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।
लगातार बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव को वायरल संक्रमण बढ़ने की प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। पिछले कुछ सप्ताह से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आ रहे हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है।
H1N1 वायरस से फैलता है स्वाइन फ्लू
रायपुर के स्वाइन फ्लू नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश चतुर्वेदी के अनुसार, स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा ग्रुप के H1N1 वायरस से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने से यह संक्रमण फैल सकता है।
स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों में तेज बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सामान्य मामलों में ये लक्षण कुछ दिनों में कम हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।
रायपुर में एक दिन में 12 नए केस
शुक्रवार को सामने आए 26 नए मामलों में रायपुर में 12, बिलासपुर में 6, दुर्ग में 4 और बालोद में 2 मरीज मिले। इसके अलावा जांजगीर और महासमुंद में एक-एक संक्रमित की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल गंभीर स्थिति वाले मरीजों की संख्या सामने नहीं आई है। कुछ मरीज दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल पहुंचे थे, जहां जांच के दौरान स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
13 मरीज होम आइसोलेशन में
प्रदेश में संक्रमित 13 मरीजों का इलाज फिलहाल होम आइसोलेशन में चल रहा है, जबकि 44 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं कई मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लंबे समय तक बुखार, खांसी, गले में दर्द या अन्य लक्षण बने रहने पर बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
रायपुर में सबसे ज्यादा 89 मामले
जिलेवार आंकड़ों में राजधानी रायपुर सबसे आगे है। रायपुर में अब तक 89 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं दुर्ग और बिलासपुर में 26-26, कोरबा में 11 और रायगढ़ में 10 मरीजों की पुष्टि हुई है।
अन्य जिलों में धमतरी 9, महासमुंद 4, राजनांदगांव 4, बालोद 3, बस्तर 3, बेमेतरा 3, जांजगीर-चांपा 3, कांकेर 2, सूरजपुर 2 और सरगुजा में 2 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा बलौदाबाजार, दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जशपुर, कोंडागांव, मनेंद्रगढ़, मोहला-मानपुर और सक्ती में भी एक-एक संक्रमित मिला है।
बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
स्वाइन फ्लू के सामान्य मामले कुछ दिनों में ठीक हो सकते हैं, लेकिन बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खांसी या छींक आने पर मुंह ढकना, नियमित रूप से हाथ साफ करना और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले अब 200 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नए मामलों की निगरानी, समय पर जांच और संक्रमित मरीजों की पहचान स्वास्थ्य विभाग के लिए अहम चुनौती रहेगी।