शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। काशपाट इलाके में बादल फटने के बाद तेज बहाव के साथ पानी और मलबा नीचे की ओर आया, जिससे गंगदारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की इंटेक संरचना को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
परियोजना के प्लांट इंचार्ज धीरज वर्मा के मुताबिक, बाढ़ के तेज बहाव से इंटेक के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम राफ्ट के साथ-साथ बॉटम कन्वेयंस चैनल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। चैनल के तल में तेज कटाव होने के कारण संरचना को काफी नुकसान पहुंचा है।
तेज बहाव में बह गए क्रेट्स
बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि परियोजना में लगाए गए कुछ क्रेट्स भी पानी में बह गए। इससे परियोजना की अन्य संरचनाएं प्रभावित हुईं और आसपास बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया।
रात के समय हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को विशेष रूप से खड्डों, नदी-नालों और अन्य जल स्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
शिमला में भी सुबह से खराब मौसम
रामपुर के अलावा राजधानी शिमला समेत हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार सुबह से मौसम खराब बना हुआ है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग (IMD) ने कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, राज्य के अन्य जिलों के लिए फिलहाल किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
लगातार बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की अपील की है। साथ ही नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
रामपुर में बादल फटने की घटना ने एक बार फिर हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के दौरान बढ़ने वाले जोखिम को सामने ला दिया है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।