अगरतला। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने अभी तक मौत के कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार, अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय कक्ष में मृत मिले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (GBP) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय को सुरक्षा घेरे में लेकर साक्ष्य जुटाने और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना की सूचना मिलते ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा तथा गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पुलिस मुख्यालय और अस्पताल पहुंचे। पूरे मामले की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है।
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पद संभाला था। इससे पहले वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे। उन्होंने नीरव मोदी मामले की जांच का नेतृत्व किया था और 1984 सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का भी हिस्सा रहे थे।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी अनुराग धनखड़ की गिनती अनुभवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में होती थी। उनकी अचानक हुई मौत से पुलिस महकमे में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी।