सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है किडनी की बीमारी का खतरा? मौसम बदलने से पहले बरतें ये सावधानियां

डेस्क। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लोग सर्दी-जुकाम, खांसी और दूसरी मौसमी बीमारियों से बचने की तैयारी करने लगते हैं, लेकिन इस दौरान किडनी की सेहत पर पड़ने वाले असर को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। ठंड सीधे तौर पर किडनी फेल होने की वजह नहीं बनती, लेकिन इस मौसम में पानी कम पीना, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और यूरिन इंफेक्शन जैसी समस्याएं गुर्दों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। खासकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पहले से किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में मौसम पूरी तरह बदलने से पहले ही किडनी की देखभाल शुरू करना फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

1. सर्दियों में भी शरीर को हाइड्रेट रखें

ठंड के दिनों में प्यास का एहसास कम होता है, जिसके चलते लोग गर्मियों की तुलना में कम पानी पीते हैं। शरीर में पानी की कमी होने से किडनी के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। हालांकि, गंभीर किडनी रोग से पीड़ित या डायलिसिस कराने वाले मरीज अपनी मर्जी से पानी की मात्रा न बढ़ाएं। उन्हें डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

इसके अलावा दर्द से राहत पाने के लिए आइबुप्रोफेन और नेप्रोक्सन जैसी दवाओं का बिना चिकित्सकीय सलाह इस्तेमाल करने से बचें। खासकर शरीर में पानी की कमी होने पर ये दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

2. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी खराब होने के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। ठंड के दौरान रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लंबे समय तक बीपी नियंत्रित नहीं रहने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करें और डॉक्टर की ओर से दी गई दवाएं समय पर लेते रहें।

अगर आपको डायबिटीज है, तो ब्लड शुगर पर भी नजर रखें। बुखार, उल्टी या दस्त जैसी परेशानी होने पर दवाओं में बदलाव खुद से करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

3. पेशाब में बदलाव को न करें नजरअंदाज

किडनी से जुड़ी परेशानी के दौरान पेशाब की मात्रा में कमी आ सकती है। यदि पेशाब कम होने के साथ शरीर में सूजन, उल्टी या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में जल्द चिकित्सकीय सहायता लें।

इसके अलावा जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें नियमित रूप से अपनी सेहत की निगरानी करनी चाहिए।

4. UTI के लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं इलाज

सर्दियों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के लक्षणों को भी गंभीरता से लेना जरूरी है। पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, बुखार और पीठ या कमर में दर्द इसके संकेत हो सकते हैं।

समय पर इलाज नहीं मिलने पर संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है और परेशानी गंभीर हो सकती है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवाएं लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।

5. नमक का सेवन कम करें और नियमित जांच करवाएं

खाने में जरूरत से ज्यादा नमक लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने की समस्या हो सकती है। इससे किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में ताजा और संतुलित भोजन करें। पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनमें मौजूद सोडियम की मात्रा जरूर जांचें।

वहीं, किडनी की बीमारी शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी रह सकती है। इसलिए डायबिटीज, हाई बीपी, हृदय रोग या परिवार में किडनी की बीमारी का इतिहास रखने वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर नियमित किडनी जांच करानी चाहिए।

याद रखें: सर्दियों में किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है। सही खानपान, नियंत्रित ब्लड प्रेशर, नियमित जांच और समय पर इलाज भी बेहद जरूरी हैं। पहले से किडनी की बीमारी होने पर किसी भी तरह का बदलाव डॉक्टर की सलाह से ही करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *