भारतीय रसोई की ये 5 गलतियां बढ़ा सकती हैं कैंसर का खतरा, आज ही करें सुधार

डेस्क। कैंसर आज दुनियाभर में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। बदलती जीवनशैली के साथ खान-पान और भोजन तैयार करने का तरीका भी हमारी सेहत को प्रभावित करता है। रोजमर्रा की रसोई में की जाने वाली कुछ लापरवाहियां लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। ऐसे में खाना पकाने और खाद्य पदार्थों को स्टोर करने के तरीके पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

बार-बार गर्म किया हुआ तेल

समोसे, पकौड़े और पूरियां तलने के बाद बचे तेल को दोबारा गर्म करके इस्तेमाल करना आम है। तेल को बार-बार और तेज तापमान पर गर्म करने से उसमें कुछ अवांछित रासायनिक पदार्थ बन सकते हैं। ऐसे तेल का लंबे समय तक अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं माना जाता।

क्या करें: तेल को बार-बार गर्म करने से बचें। तेल से धुआं निकलने लगे तो उसे अत्यधिक गर्म न करें।

जला हुआ खाना खाने से बचें

भोजन को बहुत ज्यादा भूनने या जलने तक पकाने से कुछ हानिकारक यौगिक बन सकते हैं। खासतौर पर मांस को बहुत तेज आंच पर या सीधे आग के संपर्क में पकाने से ऐसे पदार्थों का निर्माण बढ़ सकता है।

क्या करें: भोजन को काला या पूरी तरह जलने तक न पकाएं। खाना जल जाए तो जले हुए हिस्से को खाने से बचें।

बहुत तेज आंच पर लंबे समय तक खाना पकाना

लंबे समय तक बहुत अधिक तापमान पर तलने, भूनने या सेंकने से भोजन में कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ बन सकते हैं, जिनका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना जाता। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर तला या भुना हुआ भोजन कैंसर का कारण बनता है।

फफूंद लगे अनाज और मेवे न खाएं

मूंगफली, मेवे और अनाज को नमी वाली जगह पर रखने से उनमें फफूंद लग सकती है। कुछ फफूंद विषैले पदार्थ पैदा कर सकती हैं, जिनका लंबे समय तक संपर्क यकृत के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है।

क्या करें: फफूंद लगे या बदरंग अनाज, मूंगफली और मेवों को केवल धोकर इस्तेमाल न करें। ऐसे खाद्य पदार्थों को फेंक देना बेहतर है। इन्हें हमेशा सूखी और साफ जगह पर रखें।

प्रोसेस्ड मीट का सेवन सीमित करें

सॉसेज, बेकन और हैम जैसे प्रोसेस्ड मीट का लंबे समय तक और अधिक मात्रा में सेवन आंत के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर है।

रसोई में इन बातों का रखें ध्यान

तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें।

भोजन को काला या पूरी तरह जलने तक न पकाएं।

लंबे समय तक बहुत तेज आंच पर खाना पकाने से बचें।

फफूंद लगे अनाज, मेवे और मूंगफली का इस्तेमाल न करें।

खाद्य पदार्थों को सूखी और साफ जगह पर सही तरीके से रखें।

तले और अत्यधिक भुने भोजन की मात्रा सीमित रखें।

भोजन में सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज शामिल करें।

जरूरी बात: रसोई में इस्तेमाल होने वाली कोई एक सामान्य चीज अपने आप कैंसर का कारण नहीं बनती। कैंसर का जोखिम कई कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए घबराने की बजाय भोजन को सही तरीके से स्टोर करने, पकाने और संतुलित आहार लेने पर ध्यान देना जरूरी है।

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