डेस्क। गर्मियों के मौसम में पैरों के तलवों में जलन या गर्माहट महसूस होना आम परेशानी हो सकती है। हालांकि, हर बार इसके लिए सिर्फ बढ़ता तापमान जिम्मेदार नहीं होता। विटामिन B12 की कमी, डायबिटीज, नसों से जुड़ी समस्या, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, ज्यादा शराब का सेवन और किडनी से जुड़ी बीमारियां भी पैरों में जलन का कारण बन सकती हैं।
अगर गर्मी, ज्यादा चलने-फिरने या लंबे समय तक खड़े रहने के बाद कभी-कभार तलवों में जलन होती है, तो पैरों को ठंडा रखने और पर्याप्त आराम देने से राहत मिल सकती है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है या रात के समय ज्यादा बढ़ जाती है, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या की संभावना हो सकती है।
पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है?
पैरों में जलन के कई कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में नसों पर दबाव या उनके प्रभावित होने से यह समस्या होती है, जबकि पोषण की कमी और अन्य बीमारियां भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
इसके प्रमुख संभावित कारणों में विटामिन B12 की कमी, डायबिटीज से जुड़ी नसों की समस्या, ज्यादा शराब का सेवन, किडनी की बीमारी, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, लंबे समय तक खड़े रहना या ज्यादा चलना और पैरों में फंगल इंफेक्शन शामिल हैं।
सिर्फ लक्षणों के आधार पर जलन का सही कारण पता लगाना मुश्किल होता है। लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर जांच के बाद इसके वास्तविक कारण का पता लगा सकते हैं।

जलन होने पर तुरंत राहत के लिए क्या करें?
अगर तलवों में हल्की जलन गर्मी, ज्यादा चलने या लंबे समय तक खड़े रहने के कारण हो रही है, तो कुछ आसान उपाय राहत देने में मदद कर सकते हैं।
पैरों को ठंडा रखें: कुछ देर के लिए पैरों को सामान्य या ठंडे पानी से धोकर आराम दें। हालांकि, बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से बचें, क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।
आरामदायक जूते पहनें: बहुत टाइट जूते और ऐसे मोजे जिनमें हवा का आवागमन कम हो, पैरों में गर्मी और पसीना बढ़ा सकते हैं। इसलिए हवादार और आरामदायक फुटवियर का इस्तेमाल करें।
पैरों को साफ और सूखा रखें: पैरों में अधिक पसीना आने पर उन्हें साफ और सूखा रखना जरूरी है। खासकर उंगलियों के बीच नमी जमा न होने दें, क्योंकि इससे फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
लंबे समय तक खड़े रहने से बचें: अगर आपका काम लंबे समय तक खड़े रहने का है, तो बीच-बीच में बैठकर पैरों को आराम दें। कुछ देर पैरों को ऊपर रखने से थकान और भारीपन कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या घास पर नंगे पैर चलने से जलन ठीक होती है?
घास पर नंगे पैर चलने से कुछ लोगों को ठंडक और ताजगी महसूस हो सकती है, लेकिन इसे पैरों की जलन का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाता। खासकर डायबिटीज, पैरों में सुन्नपन या किसी घाव की स्थिति में नंगे पैर चलने से बचना बेहतर है, क्योंकि चोट लगने पर उसका पता देर से चल सकता है।
मेहंदी या हल्दी लगाने से मिलेगा फायदा?
पैरों की जलन में मेहंदी या हल्दी लगाने जैसे घरेलू उपायों का इस्तेमाल कई लोग करते हैं, लेकिन इन्हें इस समस्या का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाता। त्वचा पर कोई भी पदार्थ लगाने से पहले एलर्जी या जलन की संभावना का ध्यान रखना चाहिए।
अगर पैरों पर कट, घाव, रैश या इंफेक्शन है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के किसी घरेलू मिश्रण का इस्तेमाल करने से बचें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर तलवों में जलन बार-बार होती है, लगातार बनी रहती है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर जलन के साथ पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट, कमजोरी, चलने में परेशानी, पैरों में ऐसे घाव जो ठीक न हो रहे हों, तेज दर्द या सूजन और त्वचा के रंग में बदलाव दिखाई दे तो चिकित्सकीय सलाह लें।
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को पैरों में लगातार जलन की समस्या होने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ब्लड शुगर, विटामिन B12 और अन्य जांचों की सलाह दे सकते हैं।
नोट: पैरों के तलवों में जलन को हमेशा सिर्फ गर्मी का असर मानना सही नहीं है। यह कभी-कभी सामान्य कारणों से हो सकती है, लेकिन लगातार बनी रहने वाली जलन विटामिन की कमी, नसों की समस्या, डायबिटीज या किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति का संकेत भी हो सकती है। इसलिए घरेलू उपायों से अस्थायी राहत मिलने के बावजूद समस्या बार-बार हो तो इसके मूल कारण की जांच कराना जरूरी है।