- पेयजल संकट, चरमराई बिजली व्यवस्था और टेंडर घोटालों को लेकर फूटा आक्रोश; पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और अरुण वोरा की अगुवाई में प्रदर्शन
दुर्ग। शहर में सोमवार को नगर निगम के खिलाफ कांग्रेस का भारी आक्रोश देखने को मिला। पेयजल संकट, बदहाल बिजली व्यवस्था, चरमराए कचरा प्रबंधन और टेंडर प्रक्रियाओं में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी उग्र हो गई कि आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के पहले घेरे (बैरिकेड) को तोड़ दिया।

छावनी में बदला निगम, पुलिस से हुई झूमाझटकी
आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नगर निगम परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया था। चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही कांग्रेस का हुजूम निगम दफ्तर की ओर बढ़ा, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झूमाझटकी हुई। उग्र कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग को गिरा दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हालात को काबू में कर लिया।

दिग्गज नेताओं की अगुवाई में फूटा गुस्सा
इस बड़े प्रदर्शन में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर मुख्य रूप से शामिल हुए। नेताओं ने निगम प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज शहर की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। गंदे पानी की सप्लाई और अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।


टेंडर घोटाले और भ्रष्टाचार का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने सीधे तौर पर निगम की टेंडर प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के विकास कार्यों के टेंडरों में भारी अनियमितताएं और बंदरबांट हो रही है। कचरा कलेक्शन ठप होने से हर गली-मोहल्ला डंपिंग यार्ड बन चुका है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।