मुंबई : गुरुवार को कीमती धातुओं के बाजार में कमजोरी का रुख देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों ही दबाव में कारोबार करते नजर आए। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती बताई जा रही है, जिसने निवेशकों का रुख बदल दिया है।
एमसीएक्स पर सुबह के सत्र में सोने के जून 2026 वायदा में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान इसमें सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव रहा, जहां निचला स्तर लगभग 1.51 लाख रुपये और ऊपरी स्तर करीब 1.52 लाख रुपये के आसपास रहा।
चांदी की कीमतों में गिरावट और अधिक तेज रही। मई 2026 वायदा में यह 1.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर लगभग 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। दिनभर के कारोबार में इसमें भी कमजोरी का रुख बना रहा और कीमतें नीचे की ओर झुकती दिखीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने पर आमतौर पर सोना-चांदी कमजोर पड़ते हैं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को प्राथमिकता देने लगते हैं।
डॉलर की मजबूती के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी है। इसी कारण डॉलर इंडेक्स ऊंचे स्तर पर बना हुआ है और इसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाजार की हलचल के चलते आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।