डायबिटीज़ पर गिलोय का असर कितना सच और कितना मिथक, जानिए पूरी हकीकत

डेस्क: गिलोय, जिसे गुडूची के नाम से भी जाना जाता है, आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी मानी जाती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ बताए जाते हैं, लेकिन अक्सर यह दावा किया जाता है कि गिलोय डायबिटीज़ को जड़ से खत्म कर सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस दावे के समर्थन में अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज़ गिलोय की कमी से नहीं होती, बल्कि यह इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण विकसित होती है। लंबे समय तक अत्यधिक चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के सेवन से शरीर की ग्लूकोज़ को नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में केवल किसी एक जड़ी-बूटी के सेवन से इस समस्या का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन सबसे जरूरी है। गिलोय को सहायक उपाय के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन इसे इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

गिलोय के संभावित फायदे

  • सूजन कम करने में मदद: गिलोय में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
  • इम्यून सिस्टम मजबूत बनाना: डायबिटीज़ के मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है।
  • लिवर की सुरक्षा: स्वस्थ लिवर ब्लड शुगर नियंत्रण में अहम भूमिका निभाता है और गिलोय लिवर के कार्य को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है।
  • तनाव कम करना: गिलोय में एडाप्टोजेनिक गुण होते हैं, जो तनाव को कम करने और ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

गिलोय का सेवन कैसे करें

गिलोय पाउडर, कैप्सूल, जूस और काढ़े के रूप में उपलब्ध है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें, क्योंकि यह कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया भी कर सकती है।

नोट: गिलोय डायबिटीज़ का स्थायी इलाज नहीं है। किसी भी बीमारी का इलाज या दवा बदलने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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