भिलाई। दुर्ग जिले में चलाए गए विशेष खोज अभियान “ऑपरेशन तलाश” ने एक बार फिर पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता को साबित कर दिया है। 1 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 668 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें उनके परिजनों से मिलाया।
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिलेभर में 40 विशेष टीमों का गठन किया गया था। बड़े थानों में दो-दो और छोटे थानों में एक-एक टीम तैनात की गई। इन टीमों ने सुनियोजित रणनीति के तहत तकनीकी साधनों, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय सूचना तंत्र का सहारा लेते हुए लगातार अभियान चलाया।
खास बात यह रही कि पुलिस की कार्रवाई केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रही। टीमों ने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में भी जाकर तलाश अभियान चलाया। राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और तेज कार्रवाई के चलते कई मामलों में कम समय में सफलता मिली।
बरामद किए गए 668 लोगों में 295 पुरुष, 321 महिलाएं और 52 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 9 बालक और 43 बालिकाएं हैं। सभी को सुरक्षित उनके परिवारों को सौंप दिया गया, जिससे लंबे समय से परेशान परिजनों को राहत मिली और कई घरों में खुशियां लौट आईं।
अभियान के दौरान आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी उपयोग देखने को मिला। कुछ मामलों में वीडियो कॉल के जरिए गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की गई, जिससे खोज प्रक्रिया तेज हुई और समय की बचत हुई।
इसके अलावा, पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी विश्लेषण का समन्वित उपयोग करते हुए गुमशुदा लोगों तक पहुंच बनाई। इस संयुक्त प्रयास ने पूरे अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
इस सफलता के पीछे थाना प्रभारियों, जांच अधिकारियों और विशेष टीमों के जवानों की लगातार मेहनत और समर्पण रहा। उनकी सक्रियता के चलते ही इतने बड़े स्तर पर गुमशुदा लोगों की सुरक्षित बरामदगी संभव हो सकी।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें। किसी भी व्यक्ति के गुम होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने से समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाती है।