डेस्क। मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर दिलाता है, लेकिन कई लोगों के लिए यह शरीर में दर्द, जोड़ों की जकड़न और मांसपेशियों में अकड़न की परेशानी भी साथ लेकर आता है। खासकर गठिया (Arthritis), पुरानी चोट या मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बारिश के दौरान अधिक तकलीफ महसूस हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव, बढ़ी हुई नमी और वायुदाब में परिवर्तन का असर शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों पर पड़ता है।
बारिश में क्यों बढ़ता है बॉडी पेन और जोड़ों का दर्द?
1. वायुदाब (Air Pressure) में बदलाव
बारिश से पहले और दौरान वायुदाब में कमी आने से जोड़ों के आसपास के ऊतकों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे दर्द और जकड़न महसूस होती है।
2. ठंड और नमी का प्रभाव
मानसून में तापमान कम और नमी अधिक होने से मांसपेशियां सिकुड़ सकती हैं और जोड़ों की लचक कम हो सकती है, जिससे शरीर अकड़ा हुआ महसूस होता है।
3. विटामिन D की कमी
बारिश के दिनों में धूप कम मिलने के कारण शरीर में विटामिन D का स्तर घट सकता है। इसकी कमी से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे दर्द की समस्या बढ़ सकती है।

राहत पाने के आसान उपाय
- सुबह उठने से पहले दर्द वाले हिस्से पर हल्की गर्म सिकाई करें।
- रोजाना 30 मिनट वॉक, योग या स्ट्रेचिंग जैसी हल्की एक्सरसाइज करें।
- बारिश में भीगने के बाद तुरंत गीले कपड़े बदलें और शरीर को गर्म रखें।
- लंबे समय तक ठंडे फर्श पर बैठने से बचें और हर 30–40 मिनट में थोड़ा चलें।
- पर्याप्त पानी पिएं, क्योंकि मानसून में प्यास कम लगने के बावजूद शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
- भोजन में गर्म सूप, हरी सब्जियां और पौष्टिक आहार शामिल करें।
कब डॉक्टर से मिलें?
यदि शरीर का दर्द या जोड़ों की अकड़न कई दिनों तक बनी रहे, सूजन बढ़ जाए, चलने-फिरने में परेशानी हो या तेज दर्द के साथ बुखार भी आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।